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Showing posts from November, 2018

अधेड़ को महिला से छेड़छाड़ करना पड़ा भारी, लात-घूंसे से हुई पिटाई

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के थाना साहिबाबाद इलाके से एक अधेड़ द्वारा एक महिला के साथ छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है. यहां एक अधेड़ शराब के नशे में महिला से छेड़छाड़ कर रहा था. इसी दौरान महिला ने वहां से जा रहे लोगों की मदद से छेड़छाड़ कर रहे अधेड़ को सरेआम लात और घूंसे से जमकर पीटा. हालांकि, लोगों ने उसे पकड़ लिया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया. मामला थाना साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के माल गोदाम का है. दरअसल, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के पास माल गोदाम पर बीते गुरुवार को एक महिला ने एक मनचले को जमकर पीटा. महिला को इस मनचले पर इतना गुस्सा था कि थप्पड़ और घूंसों से खूब पिटाई की. बताया जा रहा है कि, इस महिला को ये मनचला शराब के नशे में काफी देर से परेशान कर रहा था. जब इस मनचले ने महिला को ज्यादा परेशान किया तो महिला ने पास से गुजर रहे युवकों की मदद से इस मनचले को पकड़ लिया और अन्य युवकों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी. इस दौरान, पिटने के बाद भी मनचला वहां के लोगों को धमकी देता रहा . उसने पास पड़े पत्थर से भी मारने की कोशिश की. पाकिस्तान में स्थित करतारतुर साहिब गुरुद्वारे को लेकर...

TOH की टिकटों के दाम बढ़ने से खुश नहीं आमिर! बड़े बजट का असर

विजय कृष्ण आचार्य के निर्देशन में बनी मल्टीस्टारर मूवी "ठग्स ऑफ हिंदोस्तान" साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है. करीब 240 करोड़ के भारी भरकम बजट से बनी आमिर की ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होगी . ठग्स को दिवाली वीकेंड और सिंगल रिलीज का फायदा मिलेगा. पिछले दिनों खबर आई थी कि मेकर्स ने ठग्स की टिकटों के दाम में 10% की बढ़ोतरी की है . लेकिन लगता है आमिर खान टिकटों के रेट बढ़ने से बहुत खुश नहीं हैं. एक इंटरव्यू में आमिर ने कहा, ' 'मैं समझ सकता हूं. ये एक महंगी फिल्म है. पर्सनली, मैं हमेशा से टिकट प्राइस सस्ते होने के पक्ष में रहा हूं." "मुझे लगता है हमारे थियेटर किफायती और सस्ते होने चाहिए, ताकि लोग सिनेमाघरों में जाकर मूवी देख सके. ये मेरा सपना है कि भारत में ऐसे सिनेमाहॉल हो जो इकॉनॉमिकल, मिडिल और पोश ग्रुप के लिए हो. हर किसी को फिल्म देखने का हक होना चाहिए. मुझे यकीन है कि एक दिन ऐसा होगा.'' क्यों बढ़ें टिकट्स के दाम ? बड़े बजट की फिल्म होने की वजह से मेकर्स ने टिकटों के रेट बढ़ाए हैं. ताकि वे प्रॉफिट कमा सके. अब देखना है कि ये स्ट्रैटिजी ठग्स ...

人权审议 中国如何应对新疆再教育营问题

联合国人权理事会本周将开始对中国的第三轮国别审议, 新疆“再教育营” 、西藏人权以及香港新闻自由, 是中国面对的尖锐敏感问题 。 而这些也正是中国政府特别重视和应对的关键问题, 毕竟面对赞美容易, 应付批评更难。 不少亚洲、美洲国家对中国人权取得的成就大加赞颂的同时, 西方一些国家提出了涉及新疆、西藏和香港 ,以及朝鲜难民、非政府组织在中国的活动权益、工会权益、妇女权益,死刑等问题。 联合国人权理事会2007年6月通过决议,确定了定期审议机制, 针对各国履行各项人权义务和承诺的整体情况展开审议。 联合国所有193个成员国,每4年审议一 次,每年审议40多个国家。 中国在2009年2月,第一次接受审议, 并在2013年10月,接受第二次审议。 2018年11月6日到9日, 中国将第三次接受审议 。这一次,外界最为关注的问题是新疆“再教育营”。今年8月底,联合国消除种族歧视委员会公布结论性观察报告, 对中国的新疆政策提出批评。 人权关注 那么,联合国人权理事会在第三次审议 中国人权问题之前 ,已经收到了哪些国家针对新疆的的尖锐问题呢? 英国提出的5个问题中包括: 中国政府何时落实联合国消除种族歧视委员会有关新疆的建议,其中包括停止在法外拘押营中拘押那些未经合法指控、审判和判罪程序的个人?何时立即释放在此情形下被拘押的个人? 何时提供过去5年被拘押的总人数? 中国政府采取了哪些措施确保宗教、信仰、行动自由?有哪些措施确保中国所有的宗教和少数民族团体,特别是在西藏的少 数民族的文化权利得到了尊重和保护? 荷兰提出的6个问题包括: 中国将采取什么 措施执行联合国消除种族歧视委 员会2018年8月在新疆问题上的结论性意见?中国是否打算让联合国人权事务高级专员办公室走访新疆? 香港特别行政区政府,将采取什么措施回应 国际社会对香港新闻自由的关注, 为记者独立、不受干扰地工作提供安全和便利的环境? 瑞典共提出了9个问题, 其中涉及新疆和西藏的有: 中国政府将如何执行联合国 消除种族歧视委员会有关西藏和新疆的建议?将有什么执行时间表? 中国政府将采取什么措施, 改进在新疆的不相称政策 ,确保宗教信仰自由和所有少数民族的行动自由? 美国尽管退出了联合国人权理事会 ,仍然提出了8个方面的问题,其中特别提到: 中国能否提供过 ...