लंदन. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक को नाइटहुड (सर) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। कुक को यह सम्मान मंगलवार सुबह बकिंघम पैलेस में आयोजित समारोह के दौरान दिया गया। एलिस्टर 12 साल बाद यह सम्मान पाने वाले पहले क्रिकेटर हैं। इससे पहले साल 2007 में यह सम्मान सर इयान बाथम को मिला था। एलिस्टर ने कहा कि इस सम्मान को लेते समय वह काफी नर्वस थे। कुक एक्सेस काउंटी क्लब के लिए क्रिकेट खेलते रहेंगे। उन्होंने पिछले साल एक्सेस के साथ तीन साल की डील साइन की है।
'घुटने टेकना मेरे लिए काफी अजीब रहा'
कुक ने कहा, 'कोई आपसे कहे कि आपको चलना है और फिर घुटने टेकना है, तो यह आपके लिए अजीब सा रहेगा। मेरे लिए भी था और मैं काफी नर्वस भी था। मैंने कई हजारों लोगों के सामने क्रिकेट खेला है, लेकिन आप सिर्फ चलने और घुटने टेकने से घबरा जाते हैं, जो बहुत अजीब है।'
34 साल के कुक ने पिछले साल ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच में यादगार शतक लगाई थी। उन्होंने यह शतक भारत के खिलाफ ओवल के मैदान पर ठोका था। कुक ने 21 साल की उम्र में 2006 में भारत के खिलाफ ही टेस्ट प्रारूप में डेब्यू किया था।
कुक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड तोड़े और बनाए भी। वे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले, सबसे ज्यादा टेस्ट रन और शतक बनाए। कुक ने 161 टेस्ट मैचों में 45.35 की औसत से 12472 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 33 शतक और 57 अर्धशतक लगाए।
एलिस्टर ने 59 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड टीम की कप्तानी की है। इसमें उन्होंने टीम को 24 मैच में जिताया, जबकि 22 में टीम को हार मिली है। वहीं, 13 टेस्ट ड्रॉ रहे। कुक का कप्तान के तौर पर जीत का प्रतिशत 40% रहा है।
क्या होता है नाइटहुड
ब्रिटिश राजा या रानी द्वारा किसी व्यक्ति की उपलब्धियों या देश की सेवा के लिए नए साल में नाइटहुड दिया जाता है। जिसे यह सम्मान दिया जाता है, उसके नाम के आगे 'श्री' की जगह ‘सर’ लिखा जाता है।
लो-स्कोरिंग मैच होने के बावजूद पहले टी-20 में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा था। यही वजह रही थी कि ऑस्ट्रेलिया को 127 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए आखिरी गेंद तक का इंतजार करना पड़ा था। टीम प्रबंधन को अपने गेंदबाजों से दूसरे टी-20 में भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, ऋषभ पंत, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी, कृणाल पंड्या, विजय शंकर, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, सिद्धार्थ कौल और मयंक मार्कंडेय।
ऑस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), डी आर्सी शार्ट, पैट कमिंस, एलेक्स कैरी, जेसन बेहरेनडोर्फ, नाथन कूल्टर नाइल, पीटर हैंड्सकॉम्ब, उस्मान ख्वाजा, नाथन लियोन, ग्लेन मैक्सवेल, झाय रिचर्डसन, केन रिचर्डसन, मार्क्स स्टोइनिस, एश्टन टर्नर और एडम जम्पा।
'घुटने टेकना मेरे लिए काफी अजीब रहा'
कुक ने कहा, 'कोई आपसे कहे कि आपको चलना है और फिर घुटने टेकना है, तो यह आपके लिए अजीब सा रहेगा। मेरे लिए भी था और मैं काफी नर्वस भी था। मैंने कई हजारों लोगों के सामने क्रिकेट खेला है, लेकिन आप सिर्फ चलने और घुटने टेकने से घबरा जाते हैं, जो बहुत अजीब है।'
34 साल के कुक ने पिछले साल ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच में यादगार शतक लगाई थी। उन्होंने यह शतक भारत के खिलाफ ओवल के मैदान पर ठोका था। कुक ने 21 साल की उम्र में 2006 में भारत के खिलाफ ही टेस्ट प्रारूप में डेब्यू किया था।
कुक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड तोड़े और बनाए भी। वे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले, सबसे ज्यादा टेस्ट रन और शतक बनाए। कुक ने 161 टेस्ट मैचों में 45.35 की औसत से 12472 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 33 शतक और 57 अर्धशतक लगाए।
एलिस्टर ने 59 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड टीम की कप्तानी की है। इसमें उन्होंने टीम को 24 मैच में जिताया, जबकि 22 में टीम को हार मिली है। वहीं, 13 टेस्ट ड्रॉ रहे। कुक का कप्तान के तौर पर जीत का प्रतिशत 40% रहा है।
क्या होता है नाइटहुड
ब्रिटिश राजा या रानी द्वारा किसी व्यक्ति की उपलब्धियों या देश की सेवा के लिए नए साल में नाइटहुड दिया जाता है। जिसे यह सम्मान दिया जाता है, उसके नाम के आगे 'श्री' की जगह ‘सर’ लिखा जाता है।
लो-स्कोरिंग मैच होने के बावजूद पहले टी-20 में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा था। यही वजह रही थी कि ऑस्ट्रेलिया को 127 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए आखिरी गेंद तक का इंतजार करना पड़ा था। टीम प्रबंधन को अपने गेंदबाजों से दूसरे टी-20 में भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, ऋषभ पंत, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी, कृणाल पंड्या, विजय शंकर, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, सिद्धार्थ कौल और मयंक मार्कंडेय।
ऑस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), डी आर्सी शार्ट, पैट कमिंस, एलेक्स कैरी, जेसन बेहरेनडोर्फ, नाथन कूल्टर नाइल, पीटर हैंड्सकॉम्ब, उस्मान ख्वाजा, नाथन लियोन, ग्लेन मैक्सवेल, झाय रिचर्डसन, केन रिचर्डसन, मार्क्स स्टोइनिस, एश्टन टर्नर और एडम जम्पा।
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