नई दिल्ली. भारत यूट्यूब का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार बन चुका है। आंकड़े के मुताबिक हर महीने 26.5 करोड़ भारतीय यूजर्स इस वीडियो शेयरिंग वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूट्यूब की सीईओ सुजान वोजिस्की ने कहा, ''भारत में हमारे पास सबसे ज्यादा दर्शक हैं। इनकी संख्या दुनिया के मुकाबले यहां बेहद तेजी से बढ़ रही है। यूट्यूब आज कंटेंट कंज्यूम करने का पहला माध्यम बन चुका है। फिर बात मनोरंजन की हो या सूचना की, यूजर्स की प्राथमिकता यूट्यूब है। हर तरह के ब्रांड्स के लिए यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है जो तेजी से बढ़ रहा है।''
पांच साल पहले केवल दो भारतीयों ने बनाए थे यूट्यूब चैनल
वोजिस्की ने बताया, ''पिछले एक साल में मोबाइल पर यूट्यूब का उपयोग 85 फीसदी बढ़ा है। वीडियो देखे जाने का 60 प्रतिशत समय भारत के छह बड़े शहरों के उपभोक्ताओं का है। यूट्यूब पर ऐसे 1,200 भारतीय हैं जिनके बनाए चैनल्स पर 10 लाख से ज्यादा यूजर्स जुड़े हुए हैं। पांच साल पहले तक इनकी संख्या केवल दो थी।''
ग्रुप एशिया पैसिफिक के सीईओ मार्क पैटरसन ने कहा,''उपभोक्ताओं का व्यवहार तेजी से मोबाइल वीडियो की ओर जा रहा है। यह बाजार के लिए एक बड़ा अवसर है। भारत में यूट्यूब की बढ़त, बाजार के लिए एक बेहतर संकेत है। यहां आप कहानियां कह सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं और क्रॉस चैनल प्लानिंग भी कर सकते हैं।''
बजाज ऑटो के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकेश शर्मा ने कहा, ''ऑटो यूजर्स के लिए यूट्यूब एक बेहतर माध्यम साबित हो सकता है क्योंकि यहां दर्शक इस विषय के प्रति समझ को और विकसित कर सकते हैं। इसके जरिए हम दर्शकों तक बेहतर ढंग से पहुंच सकते है। यहां और भी ज्यादा मार्केटिंग की जा सकती है।''
गूगल के ग्लोबल हेड बेन जोन्स ने कहा, ''ज्यादातर विज्ञापनकर्ताओं के साथ समस्या है कि ऐसे लोगों के साथ कैसे जुड़ा जाए जो अक्सर मोबाइल के साथ जुड़े रहते हैं? 70 फीसदी कैंपेन केवल क्रिएटिविटी के बूते ही सफल होते हैं। गूगल में हम सालों से इस पर काम कर रहे हैं कि आखिर किस तरह ब्रांड के मैसेज के साथ लोगों को जोड़ा रखा जा सके।''
विदेशी पत्रकारों के साथ बातचीत में इमरान ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत में अगली सरकार कांग्रेस की अगुआई में बनी तो वह पाक के साथ कश्मीर मुद्दे को हल करने से पीछे हट सकती है।
इमरान ने कहा- “मोदी के शासन में कश्मीर ही नहीं पूरे भारत में मुसलमान बड़े पैमाने पर अलगाव महसूस कर रहे हैं। मैं कभी सोच भी नहीं सकता जो इस वक्त भारत में हो रहा है। मुस्लिम विचारधारा पर हमले हो रहे हैं। कई साल पहले भारतीय मुस्लिम वहां अपनी स्थिति को लेकर खुश थे। लेकिन आज वे अतिवादी हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर चिंतित हैं।”
इमरान ने कहा- इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरह मोदी एक तरह का डर और राष्ट्रवाद की भावना जगाकर चुनाव जीतना चाहते हैं। भाजपा ने कश्मीर में बरसों से चले आ रहे उस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत किसी बाहरी व्यक्ति के राज्य में संपत्ति खरीदने पर प्रतिबंध है। यह चिंता की बात है। यह भी भाजपा का चुनावी दांव हो सकता है।
पांच साल पहले केवल दो भारतीयों ने बनाए थे यूट्यूब चैनल
वोजिस्की ने बताया, ''पिछले एक साल में मोबाइल पर यूट्यूब का उपयोग 85 फीसदी बढ़ा है। वीडियो देखे जाने का 60 प्रतिशत समय भारत के छह बड़े शहरों के उपभोक्ताओं का है। यूट्यूब पर ऐसे 1,200 भारतीय हैं जिनके बनाए चैनल्स पर 10 लाख से ज्यादा यूजर्स जुड़े हुए हैं। पांच साल पहले तक इनकी संख्या केवल दो थी।''
ग्रुप एशिया पैसिफिक के सीईओ मार्क पैटरसन ने कहा,''उपभोक्ताओं का व्यवहार तेजी से मोबाइल वीडियो की ओर जा रहा है। यह बाजार के लिए एक बड़ा अवसर है। भारत में यूट्यूब की बढ़त, बाजार के लिए एक बेहतर संकेत है। यहां आप कहानियां कह सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं और क्रॉस चैनल प्लानिंग भी कर सकते हैं।''
बजाज ऑटो के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकेश शर्मा ने कहा, ''ऑटो यूजर्स के लिए यूट्यूब एक बेहतर माध्यम साबित हो सकता है क्योंकि यहां दर्शक इस विषय के प्रति समझ को और विकसित कर सकते हैं। इसके जरिए हम दर्शकों तक बेहतर ढंग से पहुंच सकते है। यहां और भी ज्यादा मार्केटिंग की जा सकती है।''
गूगल के ग्लोबल हेड बेन जोन्स ने कहा, ''ज्यादातर विज्ञापनकर्ताओं के साथ समस्या है कि ऐसे लोगों के साथ कैसे जुड़ा जाए जो अक्सर मोबाइल के साथ जुड़े रहते हैं? 70 फीसदी कैंपेन केवल क्रिएटिविटी के बूते ही सफल होते हैं। गूगल में हम सालों से इस पर काम कर रहे हैं कि आखिर किस तरह ब्रांड के मैसेज के साथ लोगों को जोड़ा रखा जा सके।''
विदेशी पत्रकारों के साथ बातचीत में इमरान ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत में अगली सरकार कांग्रेस की अगुआई में बनी तो वह पाक के साथ कश्मीर मुद्दे को हल करने से पीछे हट सकती है।
इमरान ने कहा- “मोदी के शासन में कश्मीर ही नहीं पूरे भारत में मुसलमान बड़े पैमाने पर अलगाव महसूस कर रहे हैं। मैं कभी सोच भी नहीं सकता जो इस वक्त भारत में हो रहा है। मुस्लिम विचारधारा पर हमले हो रहे हैं। कई साल पहले भारतीय मुस्लिम वहां अपनी स्थिति को लेकर खुश थे। लेकिन आज वे अतिवादी हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर चिंतित हैं।”
इमरान ने कहा- इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरह मोदी एक तरह का डर और राष्ट्रवाद की भावना जगाकर चुनाव जीतना चाहते हैं। भाजपा ने कश्मीर में बरसों से चले आ रहे उस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत किसी बाहरी व्यक्ति के राज्य में संपत्ति खरीदने पर प्रतिबंध है। यह चिंता की बात है। यह भी भाजपा का चुनावी दांव हो सकता है।
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